Description
छः सौ छियासठ - यह अंक सुनते के साथ ही विश्व के हर मसीही के शरीर में सनसनी उत्पन्न हो जाती है। दुनिया का हर मसीही इस अंक से भय खाता है। कलीसियाई इतिहास के पिछले दो हज़ार वर्षों से छः सौ छियासठ को एक मनहूस एवं अपशकुनी अंक माना जाता रहा है। यहां तक कि अंक विद्या में भी छः सौ छियासठ को "Devil's Number" ही माना जाता है।
सम्पूर्ण बाइबल में छः सौ छियासठ अंक से अधिक सनसनीखेज़ विषय दूसरा और कोई नहीं है। इसी कारण हर युग और हर पीढ़ी के विश्वासी इस अंक के रहस्य को जानने का प्रयास करते रहे हैं। परन्तु यह छः सौ छियासठ अंक क्या है?क्यों यह लोगों के दाहिने हाथ या माथे पर लगाया जायेगा?यह आज तक कोई नहीं जान पाया है।
666 नामक इस पुस्तक में, आप यह जानने पाएंगे कि -
छः सौ छियासठ में यूहन्ना ने कैसे एक कूटबद्ध भविष्यवाणी को छिपाया था?
प्रारम्भिक चर्च फादर इरेनियस ने क्यों 666 अंक को नूह की जलप्रलय के साथ सह-सम्बन्धित बताया था?
एंटीक्राइस्ट किस ब्लडलाइन से आएगा?
क्या एंटीक्राइस्ट के आगमन का समय हो गया है?
120 जुबलियों का क्या रहस्य है?
सर्प का वंश कौन है और आज के युग में कैसे मानव जाती को तबाह कर रहा है?
पूरे विश्व में मसीहियों पर हो रहे सताव के पीछे किसका हाथ है?
यहूदी कलेण्डर के 6000 वर्ष कैसे सन् 2018 में पूरे होने जा रहे हैं?
यहूदी कलेण्डर के 243 वर्षों का क्या रहस्य है?
अंतिम पीढ़ी के मुख्य चार चिह्न कौन से हैं?
छः सौ छियासठ अंक आखिर क्या है?
Publisher: Prophecy Publications Inc. (2015, 2021)
Language: Hindi
Paperback: 368 Pages
Item Weight: 543 g
Dimensions:15.62 x 2.50 x 23.49 cm
Country of Origin: India